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कैसे भगोड़े अपराधी हिमांशु भाऊ और नीरज फारिदपुरिया पुलिस से बचते रहे

दोनों लंबे समय से फरार अपराधियों ने विभिन्न रणनीतियों का इस्तेमाल करके पुलिस की पकड़ से बचे रहे। उनके बचाव के तरीकों और छिपने की जगहों का खुलासा जांच में हुआ है।

LSN India · 24 October 2026

कैसे भगोड़े अपराधी हिमांशु भाऊ और नीरज फारिदपुरिया पुलिस से बचते रहे

हिमांशु भाऊ और नीरज फारिदपुरिया जैसे कुख्यात अपराधी वर्षों तक अधिकारियों की गिरफ्तारी से कैसे बचे रहे, यह एक जटिल प्रश्न है। इन दोनों को कई गंभीर आरोपों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा खोजा जा रहा था।

जांच में पता चला है कि ये अपराधी विभिन्न पहचान और अलग-अलग ठिकानों का उपयोग करके पुलिस को भ्रमित करते रहे। उनके पास एक मजबूत नेटवर्क था जो उन्हें नकली दस्तावेज और आश्रय प्रदान करता था। इसके अलावा, स्थानीय क्षेत्रों में उनके संपर्क भी उन्हें छिपने में मदद करते रहे।

अधिकारियों के अनुसार, ये भगोड़े नियमित रूप से एक जगह से दूसरी जगह जाते थे और सार्वजनिक दृष्टि से दूर रहते थे। उनकी गतिविधियों को ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ क्योंकि वे स्थानीय आपराधिक नेटवर्क के साथ गहराई से जुड़े थे।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने विभिन्न तकनीकों और खुफिया जानकारी का उपयोग करके इन अपराधियों को पकड़ने के प्रयास जारी रखे। उनकी गिरफ्तारी का मामला न केवल व्यक्तिगत सतर्कता बल्कि संगठित अपराध नेटवर्क के विरुद्ध कानून प्रवर्तन की चुनौतियों को भी उजागर करता है।