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हवाई द्वीप पर खरगोशों ने मचाया तबाही, तीन पक्षी प्रजातियां विलुप्त
1903 में हवाई के लयसान द्वीप पर खरगोशों की शुरुआत एक आर्थिक विचार था, लेकिन इसके परिणाम विनाशकारी निकले। दशक भर में इन खरगोशों ने पूरी वनस्पति को निगल लिया और तीन स्थानीय पक्षी प्रजातियों का अस्तित्व ही मिटा दिया।
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हवाई के लयसान द्वीप पर 1903 में जर्मन प्रवासी मैक्स श्लेमर द्वारा खरगोशों की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य व्यावसायिक लाभ और मनोरंजन था, लेकिन यह निर्णय द्वीप के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विनाशकारी साबित हुआ।
खरगोशों की जनसंख्या तेजी से बढ़ी और उन्होंने द्वीप की वनस्पति को भारी नुकसान पहुंचाया। इस अनियंत्रित प्रजनन के कारण तीन अद्वितीय स्थानीय पक्षी प्रजातियां पूरी तरह विलुप्त हो गईं। द्वीप की जैव विविधता को बचाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति थिओडोर रूजवेल्ट ने हवाई द्वीप समूह पक्षी संरक्षण क्षेत्र की स्थापना की।
संघीय अधिकारियों ने 1923 तक खरगोशों की आक्रमणकारी जनसंख्या को पूरी तरह खत्म करने का अभियान चलाया। श्लेमर को द्वीप से निष्कासित कर दिया गया। तब से संरक्षणवादियों द्वारा द्वीप के प्राकृतिक आवास को पुनर्स्थापित करने और विलुप्त प्रजातियों को फिर से लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।