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त्रावणकोर में 1930 के दशक में ओणम छुट्टियां बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज
त्रावणकोर श्रीमूलम विधानसभा में 1930 के दशक में ओणम की सार्वजनिक छुट्टियों को 10 दिन तक बढ़ाने की मांग की गई थी। तत्कालीन मुख्य सचिव एन. कुंजन पिल्लै ने पर्याप्त वार्षिक छुट्टियों का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
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त्रावणकोर की श्रीमूलम विधानसभा 1930 के दशक में ओणम के लिए छुट्टियों की अवधि बढ़ाने के सवाल से जूझ रही थी। क्षेत्र के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने ओणम की सार्वजनिक छुट्टियों को 10 दिनों तक विस्तारित करने की मांग उठाई थी।
इस मांग के पीछे तर्क यह था कि क्रिसमस और नए साल की अवधि को 11 दिनों का अवकाश मिलता था। इसलिए, इसी अनुपात में ओणम के लिए भी समान या समकक्ष छुट्टियां दी जानी चाहिए। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक हलकों से यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि सांस्कृतिक समानता और धार्मिक संवेदनशीलता के आधार पर यह न्यायसंगत था।
हालांकि, तत्कालीन मुख्य सचिव एन. कुंजन पिल्लै ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने यह कहते हुए अस्वीकार किया कि कर्मचारियों और जनता के लिए पहले से ही पर्याप्त वार्षिक छुट्टियों की व्यवस्था मौजूद थी। इस निर्णय ने त्रावणकोर में एक ऐतिहासिक उदाहरण स्थापित किया कि कैसे छुट्टियों संबंधी नीति निर्धारण प्रशासनिक विचारधारा से प्रभावित रहा।