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अमेरिका में हुआवेई पर चलाधार अपराध मामला, तकनीक चोरी का आरोप
अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने चीनी टेक कंपनी हुआवेई पर दो दशक तक अपराध करने का आरोप लगाया है। न्यूयॉर्क में शुरू हुए इस मुकदमे में अमेरिकी कंपनियों से तकनीक चोरी, वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग और ईरान को जासूसी में मदद देने का आरोप है।
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न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में बुधवार को हुआवेई टेक्नोलॉजीज के खिलाफ चलाधार अपराध (रैकेटियरिंग) का ऐतिहासिक मुकदमा शुरू हुआ। अमेरिकी न्याय विभाग के अटॉर्नी टेलर स्टाउट ने ज्यूरी के समक्ष सरकार के मामले को प्रस्तुत करते हुए कहा कि हुआवेई ने गत दो दशकों में कई अपराध किए हैं।
सरकारी पक्ष का आरोप है कि यह विश्व की सबसे बड़ी वायरलेस टेलीकम नेटवर्क उपकरण सरबराह अमेरिकी कंपनियों से तकनीक चोरी करती है और अमेरिकी वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग करती है। इसके अलावा अभियोजकों का दावा है कि हुआवेई ईरान को अपने नागरिकों पर जासूसी करने में मदद प्रदान करता है। यह कंपनी कनाडा और ब्रिटेन सहित पश्चिमी देशों द्वारा भी प्रतिबंधित है क्योंकि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है।
बचाव पक्ष के अटॉर्नी ब्रायन हेबरलिग ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने तर्क दिया कि अभियोजक पक्ष अपने मामले को कुछ अलग-अलग किस्सों और हुआवेई के लगभग 200,000 कर्मचारियों के बीच कुछ कर्मचारियों के दुर्व्यवहार के आधार पर तैयार कर रहा है।