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9/11 के बाद अजनबियों ने बचाई छह महीने की बच्ची की जान
2001 में जब अमेरिकी विमानों पर प्रतिबंध लगा, तो एक दाता यकृत को 800 किलोमीटर दूर ले जाने के लिए अजनबियों और सैन्य कर्मियों की एक टीम आगे आई। आज वह बचाई गई बच्ची कॉलेज से स्नातक होकर कानून स्कूल में स्वास्थ्य नीति का अध्ययन कर रही है।
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2001 में सितंबर की 11 तारीख को जब आतंकवादी हमलों के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में सभी विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया, तब एक जीवन रक्षक मिशन को नई चुनौती का सामना करना पड़ा। नैशविल, टेनेसी में एक यकृत दान के लिए उपलब्ध था, लेकिन इसे तुरंत ह्यूस्टन, टेक्सास पहुंचाना था जहां छह महीने की बच्ची कारीना को इस अंग की तत्काल आवश्यकता थी।
कारीना की स्वास्थ्य स्थिति इतनी गंभीर थी कि वह अस्पताल से बाहर नहीं जा सकती थी। ऐसी परिस्थितियों में, टेनेसी राष्ट्रीय गार्ड के सदस्यों सहित कई अजनबियों ने इस महत्वपूर्ण दाता अंग को लगभग 800 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचाने में सहायता की। यह प्रयास मानवीय सहानुभूति और सामूहिक प्रचेष्टा का एक उल्लेखनीय उदाहरण था।
यकृत प्रत्यारोपण सफल साबित हुआ और कारीना का जीवन बच गया। इस जीवन रक्षक हस्तक्षेप के 25 वर्ष बाद, कारीना न केवल एक सामान्य जीवन जी रही है, बल्कि अपनी शिक्षा के उच्च स्तर तक पहुंची है।
आज कारीना कॉलेज से स्नातक हो चुकी है और वर्तमान में कानून स्कूल में स्वास्थ्य नीति का अध्ययन कर रही है। यह उदाहरण दर्शाता है कि कैसे मानवीय करुणा और तत्परता किसी जीवन को पूरी तरह बदल सकती है और कैसे एक बचाया गया जीवन समाज में सकारात्मक योगदान दे सकता है।