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भारतीय ऑटो उद्योग को उन्नत तकनीक निर्यात की ओर बढ़ना चाहिए: हुंडई MD
हुंडई मोटर इंडिया के अध्यक्ष तारुण गर्ग ने भारत को अर्धचालक और बैटरी सेल जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों में क्षमता विकसित करने का आह्वान किया है। उन्होंने सरकार से दीर्घकालीन नीति का आग्रह किया जो स्केल और तकनीकी विकास को तेजी दे सके।
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हुंडई मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी तारुण गर्ग ने बुधवार को भारतीय ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माता संघ (एसीएमए) के 66वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए सरकार से एक सुसंगत दीर्घकालीन नीति ढांचा बनाने का आह्वान किया। गर्ग के अनुसार, यह नीति देश के ऑटोमोटिव उद्योग को स्केल करने और तकनीक एवं घटकों के विकास को गति देने में सहायक होगी।
अपने संबोधन में गर्ग ने कहा कि भारत को पारंपरिक घटकों के निर्यात से आगे बढ़कर उन्नत तकनीकें, इंजीनियरिंग क्षमता और नवाचार का निर्यात करने की ओर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अर्धचालक चिप्स, विद्युत वाहन बैटरी सेल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों में घरेलू क्षमता निर्माण में तेजी लानी होगी।
गर्ग ने कहा, "सरकार की ओर से ऐसी सुसंगत दीर्घकालीन नीति की जरूरत है जो स्केल को समर्थन दे और तकनीकों तथा घटकों के विकास को तेजी दे।" उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत वर्तमान में लगभग 24 अरब डॉलर का ऑटोमोटिव घटकों का निर्यात कर रहा है।
गर्ग की टिप्पणियां भारत के ऑटोमोटिव सेक्टर की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती हैं, जहां निर्माता पारंपरिक विनिर्माण से परे उच्च तकनीकी आधारित उत्पादों की ओर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।