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भारतीय वायु सेना हर पल कार्रवाई के लिए तैयार रहे: एयर चीफ
भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल दिक्षित ने देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए सतर्कता, आत्मनिर्भरता और सामरिक नवाचार पर जोर दिया है। उन्होंने त्रि-सेवा समन्वय को भी प्राथमिकता दी है।
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भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल दिक्षित ने कहा है कि सभी स्क्वाड्रन, वायु रक्षा इकाइयां और वायु योद्धा किसी भी समय तत्काल प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहें। उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।
एयर चीफ मार्शल दिक्षित ने अपने विजन को वायु (VAYU) संक्षिप्त नाम के तहत परिभाषित किया है। इसमें सतर्कता और परिचालनात्मक तैयारी (Vigilance and Operational Readiness), आत्मनिर्भरता (Aatmanirbharta), सामरिक नवाचार (Yukti) और त्रि-सेवा समन्वय (Unity of Effort) शामिल हैं।
सतर्कता और परिचालनात्मक तैयारी वायु सेना की तत्काल प्रतिक्रिया क्षमता को सुनिश्चित करती है। आत्मनिर्भरता का अर्थ है कि भारतीय वायु सेना को रक्षा प्रौद्योगिकी और उपकरणों में आत्मनिर्भर बनना। सामरिक नवाचार से रक्षा क्षेत्र में नई पद्धतियां और तकनीकें विकसित होंगी।
एयर चीफ मार्शल ने त्रि-सेवा समन्वय पर भी बल दिया है, जिससे थल सेना, जल सेना और वायु सेना एक समन्वित रणनीति के तहत काम कर सकें। यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और देश की रक्षा क्षमता को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।