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आईएस अधिकारी पर न्यायाधीश को दबाव डालने का आरोप, हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया
उत्तर प्रदेश में एक आईएस अधिकारी पर गोंडा की सिविल जज को फोन कर दबाव डालने का गंभीर आरोप लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने इसे आपराधिक अवमानना का मामला माना है।
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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक संवेदनशील विवाद सामने आया है जिसमें देवीपाटन मंडल की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल पर गोंडा की सिविल जज शबीना खान को फोन करके दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। आरोप के अनुसार अधिकारी ने जज को अनुचित टिप्पणियां भी कही थीं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने इसे प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना का मामला माना है। न्यायालय ने इस घटना को लेकर स्वत: संज्ञान लिया है, जिससे मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।
यह घटना न्यायपालिका की स्वतंत्रता और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संतुलन के सवाल को उजागर करती है। न्यायाधीश को दबाव में लाने की कोशिश किए जाने का आरोप भारतीय न्यायिक व्यवस्था के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई होगी और इसका निर्णय न्यायालय द्वारा लिया जाएगा। इस तरह के विवाद भारतीय प्रशासनिक और न्यायिक तंत्र की कार्यप्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण सवाल खड़े करते हैं।