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आइसलैंड के मतदाताओं ने यूरोपीय संघ में शामिल होने की बातचीत को खारिज किया
उत्तरी अटलांटिक के द्वीप राष्ट्र आइसलैंड की जनता ने संघीय संघ से जुड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के विरुद्ध मतदान किया है। इस निर्णय से एक दशक से चले आ रहे सदस्यता विवाद को नया मोड़ मिल गया है।
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चार लाख की जनसंख्या वाले आइसलैंड में एक महत्वपूर्ण जनमत संग्रह हुआ है जिसमें मतदाताओं ने यूरोपीय संघ के साथ सदस्यता वार्ता को आगे बढ़ाने की पेशकश को अस्वीकार कर दिया है। यह परिणाम विश्लेषकों के पूर्वानुमान से भिन्न है जिन्होंने माह की शुरुआत में एक संकीर्ण समर्थन की उम्मीद जताई थी।
आइसलैंड में यूरोपीय संघ की सदस्यता का प्रश्न पिछले बारह वर्षों से राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श का केंद्र बिंदु रहा है। समर्थकों का तर्क है कि यूरोपीय एकीकरण से आर्थिक लाभ मिलेंगे, जबकि विरोधी अपनी राष्ट्रीय स्वायत्तता और मत्स्य अधिकारों को लेकर चिंतित हैं।
इस जनमत संग्रह के परिणाम आइसलैंड की विदेश नीति को नई दिशा दे सकते हैं। सरकार को अब यूरोपीय संघ के साथ अपने संबंधों को पुनर्निधारित करना होगा और अन्य आर्थिक तथा राजनीतिक साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
आइसलैंड के इस निर्णय से उत्तरी यूरोप में यूरोपीय संघ के विस्तार की संभावनाओं में कमी आएगी। इससे पहले नॉर्वे और स्विटजरलैंड जैसे देश भी संघ से बाहर रहने का विकल्प चुन चुके हैं।