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47 साल के जमीन विवाद में आइडाहो दंपति को सुप्रीम कोर्ट से राहत
आइडाहो की सर्वोच्च अदालत ने अपना पूर्ववर्ती फैसला बदलते हुए एक दंपति को लगभग 6 एकड़ जमीन पर अपना दावा जारी रखने की अनुमति दी है। ग्रेग और लीह सेम्पल 1979 से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं।
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आइडाहो के एक दंपति को उनके दशकों पुराने भूमि विवाद में बड़ी जीत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर के फैसले में ग्रेग और लीह सेम्पल को लगभग 5.95 एकड़ जमीन पर अपना दावा जारी रखने का अधिकार दिया गया है।
सेम्पल दंपति ने 1979 से ही इस जमीन के पास बनी पुरानी कांटेदार बाड़ के किनारे खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि 1996 में आइडाहो राज्य ने जब सटी हुई संपत्ति का अधिग्रहण किया, तब तक वे इस जमीन को कई दशकों से अपने नियंत्रण में इस्तेमाल कर रहे थे। इसी आधार पर उन्होंने इस भूखंड पर अपने अधिकार का दावा किया।
राज्य सरकार का पक्ष इस जमीन पर अपनी स्वामित्व की दावेदारी कर रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सेम्पल दंपति को अपने दावे को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाने का मार्ग मिल गया है। यह निर्णय उच्च न्यायालय के पूर्व निर्णय को पलट देता है जो राज्य के पक्ष में था।
यह मामला दीर्घकालीन संपत्ति विवादों में कब्जे के अधिकार और भूमि स्वामित्व के कानूनी मानदंडों को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में न्यायालय के फैसले का आगे के केसों पर भी असर पड़ सकता है।