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आधार चेहरा पहचान से विदेशी भारतीयों के लिए सरल होगा क्रॉस-बॉर्डर केवाईसी
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण ने चार देशों में आधार आधारित डिजिटल पहचान का पायलट प्रोग्राम शुरू किया है। इससे एनआरआई कागजी कार्रवाई के बिना ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच सकेंगे।
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भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) ने विदेशी भारतीयों के लिए वित्तीय सेवाओं तक पहुंच आसान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्राधिकरण ने आधार पर आधारित स्वचालित चेहरा पहचान प्रणाली का पायलट प्रोग्राम चार अंतरराष्ट्रीय क्षेत्राधिकारों में लॉन्च किया है।
इस पहल के तहत, विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक अब बिना कागजी दस्तावेजों के पूरी तरह डिजिटल तरीके से अपनी पहचान सत्यापित करा सकते हैं। आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रणाली क्रॉस-बॉर्डर जानकारी सत्यापन (केवाईसी) प्रक्रिया को सरल बनाएगी।
यह प्रणाली एनआरआई को दूरवर्ती तरीके से बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के लिए पंजीकरण कराने की सुविधा देगी। डिजिटल पद्धति से समय और संसाधनों में काफी बचत होने की उम्मीद है।
प्राधिकरण के इस कदम से विदेशों में काम करने वाले और व्यापार करने वाले भारतीयों को वित्तीय समावेशन में सुधार होगा। साथ ही, यह भारतीय वित्तीय प्रणाली को अधिक प्रतिस्पर्धी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाएगा।