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IISc के प्रोफेसर कैंसर से लड़ने के लिए सूक्ष्म रोबोट विकसित कर रहे हैं
भारतीय विज्ञान संस्थान के शोधकर्ता अमबरीश घोष चुंबकीय क्षेत्र द्वारा नियंत्रित सूक्ष्म मशीनें विकसित कर रहे हैं। ये नैनो-रोबोट भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकते हैं।
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बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान में प्रोफेसर अमबरीश घोष की अनुसंधान टीम सूक्ष्म यंत्रों के विकास पर काम कर रही है जो चुंबकीय क्षेत्र के माध्यम से नियंत्रित किए जा सकते हैं। ये नैनो-स्तरीय उपकरण मानव शरीर के अंदर लक्षित चिकित्सा प्रदान करने की क्षमता रखते हैं।
घोष के शोध का प्रमुख फोकस चुंबकीय रूप से नियंत्रित तैराकी करने वाले रोबोट के विकास पर है। इस परियोजना के हिस्से के रूप में वैज्ञानिकों ने विशेष सर्पिल आकार की संरचनाओं को डिजाइन किया है जो निरंतर अनुसंधान का विषय बन गई हैं।
इस तकनीक का उद्देश्य कैंसर जैसी घातक बीमारियों के इलाज में सुधार लाना है। सूक्ष्म रोबोट्स को रोगी के शरीर में प्रवेश कराकर सीधे प्रभावित क्षेत्र तक दवा पहुंचाई जा सकेगी, जिससे स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान कम होगा।
घोष की टीम के काम को चिकित्सा विज्ञान जगत में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस तरह की तकनीकें आने वाले दशकों में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया आयाम जोड़ने की संभावना रखती हैं।