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आईआईटी बॉम्बे के छात्रों का प्रदर्शन नकल को न्यायसंगत नहीं, व्यवस्थागत मुद्दों पर केंद्रित
आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध प्रदर्शन किसी त्रासदी को लेकर नहीं, बल्कि संस्थान में व्यवस्थागत समस्याओं को उजागर करने के लिए है। छात्रों का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान संस्था के अंदर ही छात्र-नेतृत्व वाली प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
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आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि उनका चल रहा प्रदर्शन किसी भी रूप में अकादमिक बेईमानी को सही ठहराने के लिए नहीं है। छात्रों के अनुसार, उनका विरोध प्रदर्शन संस्थान में मौजूद गहरे व्यवस्थागत मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है।
बयान में आगे कहा गया है कि हाल की घटना से जो चिंताएं उजागर हुई हैं, उन्हें संस्थान के भीतर ही छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ संबोधित किया जाना चाहिए। छात्र संगठन का मानना है कि समस्याओं का समाधान संस्था के आंतरिक तंत्र के माध्यम से ही संभव है।
इस घोषणा के माध्यम से छात्रों ने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि उनकी मांग केवल आंतरिक सुधार और संस्थागत जवाबदेही के बारे में है। वे मानते हैं कि आईआईटी बॉम्बे के प्रशासन को इन व्यवस्थागत खामियों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और छात्रों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए।