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आईआईटी बॉम्बे ने जारी किए नए भेदभाव विरोधी दिशानिर्देश
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे ने छात्रों से जेईई रैंक और जाति के बारे में सवाल न पूछने संबंधी नई नीति जारी की है। संस्थान का लक्ष्य एक समावेशी परिसर बनाना है जहां सभी को समान सम्मान मिले।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे ने अपने परिसर में भेदभाव रोकने के लिए अपडेटेड दिशानिर्देश जारी किए हैं। छात्र कल्याण विभाग की ओर से भेजे गए संदेश में कहा गया है कि संस्थान के सदस्यों को किसी छात्र की जेईई रैंक, जाति, धर्म या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी मांगने या साझा करने से बचना चाहिए।
डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि आईआईटी बॉम्बे एक ऐसा परिसर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहां सभी छात्र अपनी पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना समान रूप से स्वागत महसूस करें। यह नीति संस्थान के समावेशी और भेदभाव मुक्त वातावरण के प्रति दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है।
आईआईटी बॉम्बे का यह कदम उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने की बड़ी प्रवृत्ति का हिस्सा है। संस्थान के अनुसार, छात्रों के बीच खुली बातचीत और स्वीकृति का माहौल बनाना शैक्षणिक समुदाय की मजबूती के लिए आवश्यक है।