LSN News › India

World · India Bureau

IIT में आया PhD का नया मॉडल, थीसिस लिखना अब अनिवार्य नहीं

एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने डॉक्टरेट कार्यक्रम में महत्वपूर्ण सुधार किया है। नए 'प्रोडक्ट-संचालित PhD' मॉडल के तहत छात्रों को पारंपरिक थीसिस लिखने की जगह वास्तविक उत्पाद विकास या स्टार्टअप परियोजनाओं पर काम करना होगा।

LSN India · 27 October 2026

IIT में आया PhD का नया मॉडल, थीसिस लिखना अब अनिवार्य नहीं

भारतीय उच्च शिक्षा में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। देश के प्रमुख IIT संस्थानों में से एक ने PhD कार्यक्रम के लिए एक अभूतपूर्व संरचना अपनाई है, जिससे पारंपरिक थीसिस-केंद्रित पद्धति में व्यापक सुधार होगा।

इस नई पहल के तहत संस्थान ने 'प्रोडक्ट अथवा स्टार्टअप-संचालित PhD' मॉडल को मंजूरी दी है। इस माध्यम से doctoral छात्रों को वर्षों तक शोध पत्र तैयार करने के बजाय व्यावहारिक उत्पाद विकास, तकनीकी नवाचार या उद्यमशीलता परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।

यह दृष्टिकोण अकादमिक अनुसंधान और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों के बीच की खाई को कम करने का प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पद्धति भारतीय उद्यमशीलता और तकनीकी उद्ভावन को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो सकती है।

इस अभिनव मॉडल के माध्यम से PhD शोधार्थी अपनी विशेषज्ञता को वाणिज्यिक या सामाजिक हल में रूपांतरित कर सकेंगे। इससे उन्हें बौद्धिक संपत्ति विकास, पेटेंट आवेदन और स्टार्टअप स्थापना जैसे व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होंगे।