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IIT मद्रास की स्टार्टअप ने घूर्णन विस्फोट इंजन का परीक्षण किया
डी-प्रोपल्स ने एक नई तकनीक विकसित की है जो छोटे और तेज मिसाइलों तथा ड्रोन को शक्ति देने में सक्षम हो सकती है। हालांकि इसके व्यावहारिक उपयोग के लिए अभी प्रमाणीकरण और लंबी अवधि के परीक्षण की आवश्यकता है।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास द्वारा समर्थित स्टार्टअप डी-प्रोपल्स ने घूर्णन विस्फोट इंजन का सफल परीक्षण किया है। यह नई तकनीक रक्षा और विमान उद्योग में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। इंजन को छोटे आकार की उच्च गति वाली मिसाइलों और ड्रोन को शक्ति प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
घूर्णन विस्फोट इंजन तकनीक पारंपरिक इंजनों की तुलना में अधिक दक्ष और शक्तिशाली माना जाता है। इस प्रकार की प्रणाली छोटे आकार में अधिक थ्रस्ट उत्पन्न कर सकती है, जिससे हल्के और तेज प्रक्षेप्य विकसित किए जा सकते हैं। इस तकनीक के सफल विकास से भारतीय रक्षा उद्योग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बढ़त मिल सकती है।
बहरहाल, इस प्रौद्योगिकी को व्यावहारिक अनुप्रयोग के लिए अभी कई चुनौतियों का सामना करना है। सरकारी प्रमाणीकरण प्राप्त करना और इंजन की लंबी अवधि की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक परीक्षण आवश्यक हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये परीक्षण आने वाले महीनों में पूरे किए जा सकते हैं।
डी-प्रोपल्स के इस प्रयास को भारतीय रक्षा विभाग की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस परियोजना को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।