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आईआईटी पालक्कड़ ने विकसित किए हेपेरिन निगरानी के लिए नए सेंसर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पालक्कड़ के शोधकर्ताओं ने एक नई तकनीक विकसित की है जो हृदय शल्य चिकित्सा और डायलिसिस में इस्तेमाल होने वाली एंटीकोगुलेंट दवा हेपेरिन की तेजी से और सटीक निगरानी कर सकती है।

LSN India · 15 September 2026

आईआईटी पालक्कड़ ने विकसित किए हेपेरिन निगरानी के लिए नए सेंसर

हेपेरिन रक्त के थक्के बनने से रोकने वाली एक महत्वपूर्ण दवा है जिसका उपयोग हृदय शल्य चिकित्सा, डायलिसिस और अन्य चिकित्सा प्रक्रियाओं में किया जाता है। इस दवा की सटीक खुराक निर्धारित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि अपर्याप्त मात्रा रक्त के थक्के बनने का जोखिम बढ़ाती है जबकि अधिक मात्रा अत्यधिक रक्तस्राव का कारण बन सकती है।

आईआईटी पालक्कड़ के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित ये नए सेंसर हेपेरिन की सांद्रता को तेजी से और अधिक सटीकता के साथ मापने में सक्षम हैं। यह तकनीकी प्रगति रोगियों की चिकित्सा देखभाल में सुधार ला सकती है और चिकित्सकों को दवा की खुराक को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद कर सकती है।

यह शोध भारत में चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। सेंसर तकनीक में यह नवाचार न केवल अस्पतालों में रोगी सुरक्षा को बढ़ाएगा बल्कि चिकित्सा व्यवस्थापन को भी अधिक कुशल बनाएगा।