World · India Bureau
IIT में 30 लाख रुपये की पढ़ाई, नौकरी की कोई गारंटी नहीं
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में दाखिले के लिए लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी हजारों छात्र बेरोजगार रह जा रहे हैं। IIT की प्लेसमेंट व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल अब गंभीर मुद्दा बन गए हैं।
LSN India ·

भारत के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन लेने के लिए काफी मेहनत और पैसे खर्च होते हैं, लेकिन कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी का कोई निश्चय नहीं है। हाल के वर्षों में IIT से निकलने वाले छात्रों की प्लेसमेंट समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
2024 के अकादमिक सत्र में इन संस्थानों से करीब 8,000 छात्र बिना नौकरी के निकले हैं। वहीं जो छात्र नौकरी पा गए हैं, उन्हें 70,000 डॉलर सालाना जैसे पैकेज के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। एक तरफ तो IIT संस्थान कोर्स के लिए 30 लाख रुपये तक की फीस वसूल कर रहे हैं, दूसरी तरफ रोजगार सुनिश्चित करने के मामले में वे पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
इस स्थिति ने केंद्रीय शिक्षा प्रणाली की प्रभावकारिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विशेषज्ञ और अभिभावक दोनों ही चिंतित हैं कि महंगी शिक्षा के बाद भी छात्रों को रोजगार का आश्वासन नहीं दिया जा रहा।
इन परिस्थितियों में IIT प्रशासन के समक्ष यह चुनौती है कि वह न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखे, बल्कि छात्रों के लिए रोजगार की व्यवस्था भी सुनिश्चित करे। अन्यथा महंगी शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों का भविष्य अधर में रह जाएगा।