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आईआईटी में बीटेक सीटें बढ़ीं धीमे, योग्य छात्रों की संख्या ज्यादा; कंप्यूटर विज्ञान का दबदबा
जेईई एडवांस्ड परीक्षा में योग्य घोषित छात्रों की संख्या बढ़ी है, लेकिन आईआईटी में बीटेक सीटों की वृद्धि धीमी रही। केवल तीन में से एक योग्य छात्र को ही सीट मिल पाई है।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में इस वर्ष बीटेक कार्यक्रमों की सीटों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है, जबकि जेईई एडवांस्ड परीक्षा में योग्य घोषित छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा देखा गया। इस असंतुलन के कारण प्रवेश प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा और तीव्र हो गई है।
आंकड़ों से पता चलता है कि जेईई एडवांस्ड में योग्य छात्रों में से महज एक तिहाई को ही आईआईटी में बीटेक सीटें मिल सकीं। यह अनुपात शैक्षणिक संस्थानों की सीमित क्षमता को दर्शाता है, जो बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को समायोजित नहीं कर पा रहे हैं।
सीट आवंटन के आंकड़ों में कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग (सीएसई) विषय का वर्चस्व स्पष्ट है। छात्रों की पहली पसंद इसी शाखा के प्रति रहे हैं, जिससे अन्य विषयों की तुलना में इसमें प्रतिस्पर्धा अधिक तीव्र है।
शिक्षा विशेषज्ञ इस स्थिति को संबोधित करने के लिए आईआईटी के बुनियादी ढांचे में विस्तार और अधिक इंजीनियरिंग सीटें जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। वर्तमान समय में योग्य छात्रों और उपलब्ध सीटों के बीच यह अंतराल भारत की प्रतिभा को बेहतर ढंग से विकसित करने के लिए एक चुनौती बना हुआ है।