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इंडोनेशिया में अवैध सोने की खनन से ओरेंगुटान अभयारण्य को खतरा

इंडोनेशिया के जंथो वन संरक्षण क्षेत्र में अवैध सोने की खनन ने तीन वर्षों में 14 हेक्टेयर क्षेत्र को नष्ट किया है। संरक्षणवादियों का मानना है कि यह खनन गंभीर रूप से लुप्तप्राय सुमात्रा ओरेंगुटान के जीवन को खतरे में डाल रहा है।

LSN India · 4 September 2026

इंडोनेशिया में अवैध सोने की खनन से ओरेंगुटान अभयारण्य को खतरा

इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा में स्थित जंथो वन संरक्षण क्षेत्र को अवैध सोने की खनन से गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में खनन गतिविधियों ने इस महत्वपूर्ण वन क्षेत्र के लगभग 14 हेक्टेयर को नष्ट कर दिया है। यह अभयारण्य गंभीर रूप से लुप्तप्राय सुमात्रा ओरेंगुटान के पुनर्वास और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कई ओरेंगुटान जो अवैध व्यापार से बचाए गए थे, वे इसी क्षेत्र में पुनः स्थापित किए गए हैं।

खनन कार्यों से न केवल वनस्पति और वन्यजीवन को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि इससे निकलने वाले जहरीले अपशिष्ट पास में बहने वाली क्रुएंग आचे नदी को प्रदूषित कर रहे हैं। इस प्रदूषण से स्थानीय समुदायों के स्वास्थ्य के साथ-साथ जलीय जीवन भी खतरे में है। नदी का जल आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जीवन का मुख्य स्रोत है।

संरक्षणवादी संगठनों का आह्वान है कि इंडोनेशियाई सरकार इस अवैध खनन को रोकने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करे। इस क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर सख्त निगरानी और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। वन्यजीवन विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह खनन जारी रहा तो सुमात्रा ओरेंगुटान की आबादी के विलुप्त होने का खतरा बढ़ सकता है।