World · India Bureau
भारतीय मूल के मेयरों का कहना: प्रवासन पर जनमानस बदला है
विदेशों में भारतीय मूल के नेताओं का मानना है कि आप्रवासन को लेकर जनता की सोच में परिवर्तन आया है। इसके बावजूद उनका अनुमान है कि देशों में प्रवासियों के प्रति स्वागत की भावना अभी भी बनी हुई है।
LSN India ·
भारत के मूल निवासी और विदेशों में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन कई मेयरों ने कहा है कि प्रवासन के मुद्दे पर जनमानस में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, इस बदलाव के बावजूद ये नेता मानते हैं कि आप्रवासियों के प्रति समाज का रवैया अभी भी सकारात्मक बना हुआ है।
भारतीय मूल के इन शहरी नेताओं का आकलन है कि हालांकि विभिन्न देशों में आप्रवासन नीति और जनमत में बदलाव आया है, लेकिन आम जनता में प्रवासियों को स्वीकार करने की भावना अभी भी प्रबल है। तुषार कुमार जैसे नेताओं का मत है कि देशों की जनता अभी भी प्रवासियों के प्रति काफी हद तक स्वागत भाव रखती है।
ये अवलोकन उस समय सामने आए हैं जब दुनिया भर में आप्रवासन नीतियों को लेकर व्यापक बहस चल रही है। विभिन्न देशों में जनता की प्राथमिकताओं में बदलाव और राजनीतिक विमर्श में परिवर्तन देखा जा रहा है। भारतीय मूल के इन प्रशासकों का अनुभव यह दर्शाता है कि हालांकि सार्वजनिक धारणा में कुछ बदलाव आया है, परंतु बहुसंख्यक आबादी अभी भी प्रवासियों के प्रति सहिष्णु दृष्टिकोण रखती है।