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ऊर्जा भंडारण के लिए कैबिनेट ने मंजूर की 14,500 करोड़ की योजना
सरकार ने 92 गीगावाट-घंटा ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए व्यवहार्यता अंतराल निधि योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना बैटरी, पंप स्टोरेज और उभरती तकनीकों तीनों क्षेत्रों में निवेश करेगी।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 14,500 करोड़ रुपये की विशाल निधि योजना को मंजूरी दे दी है। इस पहल का उद्देश्य देश में 92 गीगावाट-घंटा की कुल भंडारण क्षमता स्थापित करना है, जो नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
योजना के तहत तीन प्रमुख प्रযुक्तियों में निवेश किया जाएगा। बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए 30 गीगावाट-घंटा, पंप स्टोरेज परियोजनाओं के लिए 60 गीगावाट-घंटा और उभरती भंडारण तकनीकों के लिए 2 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
व्यवहार्यता अंतराल निधि का उपयोग परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए किया जाएगा। यह योजना भारत की नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने और विद्युत ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन की गई है।
भंडारण क्षमता में यह विस्तार सौर और पवन ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को सक्षम बनाएगा। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और विद्युत आपूर्ति की निरंतरता में सुधार आएगा।