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हसीना के प्रत्यर्पण पर भारत समय सीमा नहीं दे सकता: राजदूत
भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया चल रही है और इस पर कोई समय सीमा नहीं दी जा सकती। भारत ने स्पष्ट किया है कि हसीना की वापसी का मामला संस्थागत प्रक्रिया के अनुसार देखा जा रहा है।
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ढाका में एक विचार मंच द्वारा आयोजित एक चर्चा में शनिवार को भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर कोई समय सीमा नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, "इस संबंध में कोई समय अवधि निर्धारित नहीं की जा सकती।" यह टिप्पणी बांग्लादेश सरकार की ओर से बार-बार हसीना को वापस करने की मांग के संदर्भ में की गई।
79 वर्षीय हसीना अगस्त 2024 में अपनी सरकार के पतन के बाद जब ढाका से भाग गईं तब से भारत में रह रही हैं। उस समय देश में व्यापक जन आंदोलन चल रहा था जो सरकार के विरुद्ध था। तब से बांग्लादेश की नई सरकार उन्हें वापस करने के लिए भारत से कई बार अनुरोध कर रही है।
भारत के विदेश मामलों के मंत्रालय ने लगातार कहा है कि हसीना के संबंध में बांग्लादेश की प्रत्यर्पण मांग को स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जांचा जा रहा है। त्रिवेदी ने शनिवार को कहा, "भारत सरकार ने बार-बार इस बात का जवाब दिया है कि यह एक प्रक्रिया है, यह कानूनी प्रक्रिया है और यह सुव्यवस्थित है।"
भारत और बांग्लादेश के बीच यह मामला दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के लिए संवेदनशील रहा है। भारत की स्थिति यह है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय मामले में कानूनी मार्ग का पालन किया जाना चाहिए और जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए।