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रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत 'वकालत से आगे' जा रहा है: जैशंकर
विदेश मंत्री एस. जैशंकर ने भारत-रूस संबंधों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रूस और उससे पहले सोवियत संघ भारत के साथ हर कदम पर खड़े रहे। जैशंकर ने रेखांकित किया कि जब भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को खतरा था, तब विश्व के अधिकांश देश पड़ोसी सैन्य शासन का समर्थन कर रहे थे।
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विदेश मंत्री एस. जैशंकर ने कहा है कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष के मुद्दे पर महज वकालत करने से आगे जा रहा है। उन्होंने इस संदर्भ में भारत-रूस के दीर्घकालीन संबंधों पर जोर दिया और ऐतिहासिक संदर्भ प्रदान किया।
जैशंकर के अनुसार, रूस और उससे पहले सोवियत संघ भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौतियों का सामना करना पड़ा, तब रूस भारत के साथ खड़ा रहा। यह अवधि विशेष रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि उस समय विश्व के अधिकांश देश भारत के पड़ोसी देश में स्थापित सैन्य शासन का समर्थन कर रहे थे।
जैशंकर की टिप्पणी भारत की विदेश नीति में रूस के महत्व को रेखांकित करती है। यह भारत के संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहां यह वैश्विक घटनाक्रमों पर अपनी स्वतंत्र नीति बनाए रखते हुए ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान करता है।
भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र सहित अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी संतुलित रुख अपनाता आया है। यह भारत की विदेश नीति की व्यावहारिकता और क्षेत्रीय हितों के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।