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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: भारत-चीन व्यावहारिक रास्ते की ओर बढ़ रहे
भारत और चीन के नेताओं की अंतिम द्विपक्षीय बैठक अगस्त 2025 में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। आने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दोनों देश व्यावहारिक समझौते की ओर बढ़ने की संभावना है।
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भारत और चीन आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यावहारिक दृष्टिकोण से देखने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों देशों के नेताओं के बीच पिछली सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक 31 अगस्त 2025 को चीन की यात्रा के दौरान हुई थी, जब भारतीय प्रधानमंत्री शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे।
यह बैठक दोनों पड़ोसी देशों के बीच संवाद की निरंतरता को दर्शाती है। क्षेत्रीय सहयोग और आर्थिक विकास के मुद्दों पर दोनों देशों के बीच वार्ता जारी रहने की संभावना है। ब्रिक्स मंच दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
भारत और चीन ने अपने ऐतिहासिक मतभेदों के बावजूद बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। ब्रिक्स समूह के भीतर दोनों देशों की भागीदारी से क्षेत्रीय स्थिरता और विकास को बल मिलने की उम्मीद है।
आने वाले शिखर सम्मेलन में दोनों पक्ष व्यापार, बुनियादी ढांचे और जलवायु परिवर्तन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। यह दृष्टिकोण संकेत देता है कि भारत और चीन अपने संबंधों को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।