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OIC पीड़ित और अपराधी में अंतर नहीं कर सकता: भारत की आलोचना
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन की टिप्पणियों को लेकर तीव्र आलोचना की है। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि OIC को पाकिस्तान के अवैध कब्जे पर ध्यान देना चाहिए।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की हाल की टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया है। लोकसभा सदस्य बिप्लब कुमार देब ने कहा कि OIC की अध्यक्षता को पाकिस्तान के अवैध कब्जे, विशेषकर रावलाकोट में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों पर ध्यान देना चाहिए।
देब ने अपने बयान में कहा कि इस क्षेत्र में जनसंहार, व्यापक हिंसा और स्थानीय जनता को मौलिक अधिकारों से वंचित करने की घटनाएं बेहद स्पष्ट हैं। उन्होंने इस तरह की टिप्पणियों को पीड़ितों और अपराधियों के बीच अंतर न कर पाने का संकेत माना।
भारतीय प्रतिनिधि का मानना है कि OIC की यह दृष्टिकोण पूर्वाग्रह और असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐसे संगठनों को अधिक जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए।
यह टिप्पणी OIC द्वारा भारत के संबंध में की गई हाल की कुछ टिप्पणियों के संदर्भ में की गई है। भारत ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि ऐसे मंचों को सभी देशों के संबंध में एक समान मानदंड अपनाने चाहिए।