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तेल आयात पर 530 करोड़ रुपये रोज खर्च, सरकार ने दाम बढ़ाने से किया इनकार
वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों से भारत को प्रतिदिन 530 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। लेकिन केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल के मूल्य में वृद्धि की कोई योजना नहीं है।
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बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तेल मूल्यों के कारण भारत के आयात खर्च में भारी इजाफा हुआ है। सरकारी आकलन के अनुसार, तेल की महंगाई से देश को प्रतिदिन 530 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह स्थिति घरेलू ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा रही है।
इस बीच, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने को लेकर उठने वाली चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि वर्तमान समय में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का कोई तात्कालिक प्रस्ताव नहीं है।
भारत विश्व का सबसे बड़ा तेल आयातक देशों में से एक है और अपनी अधिकांश तेल की जरूरत विदेशों से पूरी करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं, जिससे आयात बिल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सरकार के इस रुख से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है, हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। सरकार घरेलू अर्थव्यवस्था और आम जनता पर महंगाई के दबाव को कम करने के लिए सतर्क है।