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केंद्र ने दीनदयाल, जेएनपीए, परादीप और मुंद्रा को मेगा बंदरगाह घोषित किया
भारत सरकार ने औपचारिक रूप से चार प्रमुख बंदरगाहों को मेगा बंदरगाह का दर्जा दे दिया है। इसमें दीनदयाल (कांडला), जवाहरलाल नेहरू (नवा शेवा), परादीप और अडानी समूह का मुंद्रा बंदरगाह शामिल है।
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पत्तन, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से यह घोषणा की है। इसके अंतर्गत भारतीय पत्तन अधिनियम 2025 की धारा 73 के उप-खंड (1) के तहत सरकार ने बंदरगाह के मेगा बंदरगाह के रूप में वर्गीकरण के लिए मानदंड निर्धारित किए हैं।
दीनदयाल (कांडला), जवाहरलाल नेहरू (नवा शेवा), परादीप और मुंद्रा बंदरगाह ये सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं। इसमें से दीनदयाल, जवाहरलाल नेहरू और परादीप भारत के प्रमुख बंदरगाह हैं, जबकि मुंद्रा प्रमुख बंदरगाहों की श्रेणी से बाहर है।
भारत के पास वर्तमान में 12 प्रमुख बंदरगाह और 200 से अधिक गैर-प्रमुख बंदरगाह हैं। देश के प्रमुख बंदरगाहों में दीनदयाल (कांडला), मुंबई, मोरमुगाओ, न्यू मंगलोर, कोच्चि, चेन्नई, एन्नोर (कामराजर), तूतीकोरिन (वी ओ चिदंबरनार), विशाखापत्तनम, परादीप, कोलकाता (हल्दिया सहित) और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह शामिल हैं।
मेगा बंदरगाह का दर्जा देश के प्रमुख बंदरगाहों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष मान्यता प्रदान करता है और इसका संबंध कार्गो हैंडलिंग, तकनीकी क्षमता और बुनियादी ढांचे से है।