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भारत ने UN विशेषज्ञ की रिपोर्ट को खारिज किया, प्रतिशोध के दावों को बताया अनुमानित

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञ की रिपोर्ट का विरोध किया है जिसमें कहा गया है कि युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य और लैंगिक न्याय पर चर्चा के लिए प्रतिशोध का सामना करना पड़ता है। भारतीय प्रतिनिधि अनुज स्वरूप ने इन दावों को सुनी-सुनाई बातें बताते हुए खारिज कर दिया है।

LSN India · 17 October 2026

भारत ने UN विशेषज्ञ की रिपोर्ट को खारिज किया, प्रतिशोध के दावों को बताया अनुमानित

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को दृढ़तापूर्वक अस्वीकार किया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि भारत में युवा नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य और लैंगिक न्याय जैसे विषयों पर खुलकर बातचीत करने पर प्रतिशोध और कलंक का सामना करना पड़ता है।

भारत के प्रतिनिधि अनुज स्वरूप ने इस रिपोर्ट के विरुद्ध आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि इसमें शामिल दावे वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। स्वरूप ने इन कथनों को केवल सुनी-सुनाई बातें करार दिया है और इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है।

यह मुद्दा मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को लेकर उठा है। भारत का रुख यह है कि ऐसी रिपोर्टें तैयार करने से पहले ठोस साक्ष्य और जांच-पड़ताल की आवश्यकता होती है।

भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया है कि देश में युवाओं को विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता है। सरकार का तर्क है कि बिना पुष्टि के किए गए दावों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाना उचित नहीं है।