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सरकार ने हाइब्रिड वार्षिकी राजमार्ग परियोजनाओं से बाहर निकलना आसान बनाया
नए मॉडल कॉन्सेशन समझौते के तहत फंसी हुई HAM परियोजनाओं से बाहर निकलने के लिए सरल प्रावधान और सरकारी देरी के लिए मुआवजा स्पष्ट किया गया है।
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सरकार ने हाइब्रिड वार्षिकी मोड (HAM) में फंसी राजमार्ग परियोजनाओं के लिए नई शर्तें निर्धारित करते हुए संशोधित मॉडल कॉन्सेशन समझौता जारी किया है। इस नई व्यवस्था से निजी ठेकेदारों को ऐसी परियोजनाओं से बाहर निकलने का रास्ता मिल गया है जहां प्रगति रुकी हुई है।
नवीनतम MCA में हार्मोनियस सबस्टीट्यूशन की सुविधा शामिल की गई है, जिससे अन्य योग्य ठेकेदारों को फंसी परियोजनाओं को संभालने का अवसर मिलता है। इस व्यवस्था से परियोजना को पूरा करने में तेजी आने की उम्मीद है और निवेशकों का संकट भी कम हो सकता है।
समझौते में सरकार या संबंधित प्राधिकरणों की देरी के कारण हुए नुकसान के लिए ठेकेदारों को मुआवजे का प्रावधान भी स्पष्ट किया गया है। इससे सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
यह कदम देश के बुनियादी ढांचे विकास में तेजी लाने की सरकार की रणनीति का हिस्सा है। HAM मॉडल में अब तक कई परियोजनाएं विभिन्न कारणों से अटकी हुई थीं, जिससे बुनियादी ढांचा विकास प्रभावित हो रहा था।