Politics · India Bureau
निर्यातकों को विदेशी भुगतान रुपये में लेने की छूट दी गई
केंद्र सरकार ने विदेश व्यापार नीति में संशोधन कर निर्यातकों को रुपये में विदेशी भुगतान प्राप्त करने की अनुमति दी है। इससे विनिमय दर जोखिम कम होगा और नियामक अनिश्चितता समाप्त होगी।
LSN India ·

भारत सरकार के महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने विदेश व्यापार नीति में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है जो निर्यातकों के लिए नई सुविधाएं लाता है। इस संशोधन के तहत, योग्य निर्यातक अब विदेशी मुद्रा के बजाय रुपये में निर्यात आय प्राप्त कर सकेंगे। यह निर्णय व्यापारियों के लिए विनिमय दर से संबंधित जोखिम को कम करने में मदद करेगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, रुपये में प्राप्त निर्यात आय को विदेशी मुद्रा में प्राप्त आय के समान माना जाएगा। इसका मतलब है कि निर्यातक विदेश व्यापार नीति के तहत दिए जाने वाले लाभ और सुविधाएं उसी तरह प्राप्त कर सकेंगे जैसे विदेशी मुद्रा में आय प्राप्त करने पर मिलती हैं। साथ ही, निर्यात दायित्वों को पूरा करने के लिए भी रुपये में प्राप्त राशि को मान्यता दी जाएगी।
यह कदम भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुपये के उपयोग को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा और वे अपनी मुद्रा जोखिम को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकेंगे।
डीजीएफटी का यह संशोधन एक नियामक अनिश्चितता को समाप्त करता है जो पिछले कुछ समय से निर्यातकों के लिए चिंता का विषय था। व्यापार समुदाय से इस कदम का सकारात्मक स्वागत होने की संभावना है, क्योंकि यह निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाता है और व्यापारियों को अधिक लचीलापन प्रदान करता है।