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चीन से एल्युमीनियम फॉयल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी पांच साल बढ़ाने की सिफारिश
वाणिज्य मंत्रालय की संस्था DGTR ने चीन, थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया से आयात किए जाने वाले एल्युमीनियम फॉयल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को पांच साल के लिए जारी रखने की सिफारिश की है। वित्त मंत्रालय इस मामले पर अंतिम निर्णय लेगा।
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भारत के कुछ प्रमुख एल्युमीनियम फॉयल निर्माताओं द्वारा दायर आवेदन के आधार पर व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने विदेशी आयातों के खिलाफ सुरक्षात्मक उपायों को बहाल रखने की अनुशंसा की है। व्यापार निदेशालय के अधिसूचना के अनुसार, 80 माइक्रॉन और उससे कम मोटाई वाले एल्युमीनियम फॉयल पर सुझाए गए शुल्क का दायरा 93.53 डॉलर प्रति टन से लेकर 976.99 डॉलर प्रति टन तक है।
DGTR ने अपनी सूचना में कहा है कि "प्राधिकरण ने वर्तमान जांच में सभी हितबद्ध पक्षों द्वारा प्रस्तुत किए गए विवरणों की जांच करने के बाद, पांच साल की अवधि के लिए निश्चित शुल्क जारी रखने की अनुशंसा करना उचित और आवश्यक समझा है।" इस सूर्यास्त समीक्षा जांच को शुरू करने के लिए आवेदन हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, LSKB एल्युमीनियम फॉयल्स, रविराज फॉयल्स, श्री वेंकटेश्वरा इलेक्ट्रोकास्ट, श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड और SRF अलटेक लिमिटेड द्वारा दायर किया गया था।
DGTR की अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि डंप किए गए आयात ने घरेलू निर्माताओं की लाभप्रदता को प्रभावित किया है। यह निर्णय भारतीय एल्युमीनियम फॉयल उद्योग को विदेशी प्रतियोगिता से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। अंतिम मंजूरी के लिए अब वित्त मंत्रालय की प्रतीक्षा है।