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नकली पनीर पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध की ओर कदम बढ़ रहे राज्य
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के प्रमुख राजीत पुनहानी ने कहा है कि गैर-डेयरी पनीर के विकल्प पर जल्द राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। देश के विभिन्न राज्य पहले से ही नकली पनीर के विरुद्ध कार्रवाई कर रहे हैं।
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खाद्य उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में भारत आगे बढ़ रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मुख्य कार्यकारी राजीत पुनहानी ने कहा है कि नकली या एनालॉग पनीर पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध आने वाले समय में एक संभावना है। यह घोषणा इस समय आई है जब देश के कई राज्य पहले से ही इस गैर-डेयरी पनीर विकल्प के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।
एनालॉग पनीर, जो डेयरी उत्पादों की जगह वनस्पति तेल और अन्य सामग्रियों से बनाया जाता है, उपभोक्ताओं के बीच गुणवत्ता और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ाता रहा है। भारत में पारंपरिक दुग्ध पनीर उत्पादन की मजबूत परंपरा है और डेयरी किसानों का एक बड़ा समुदाय है। नकली पनीर का प्रचलन इस क्षेत्र के लिए प्रतिस्पर्धा का कारण बन गया है।
कई राज्य सरकारें पहले से ही अपने अपने स्तर पर इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए पहल कर चुकी हैं। एफएसएसएआई के नेतृत्व में केंद्रीय स्तर पर भी इस विषय पर विचार-विमर्श चल रहा है। संभावित राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध से न केवल उपभोक्ताओं को प्रामाणिक डेयरी उत्पाद मिल सकेंगे, बल्कि भारतीय डेयरी किसान और उत्पादकों को भी बेहतर बाजार सुरक्षा प्राप्त होगी।