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भारत की आबादी होगी अधिक बुजुर्ग, प्रजनन दर में गिरावट: मूडीज
मूडीज रेटिंग्स ने कहा है कि भारत की जनसंख्या संरचना में परिवर्तन हो रहा है और प्रजनन दर प्रतिस्थापन स्तर से नीचे आ गई है। इससे इस सदी के अंत तक भारत की आबादी काफी बुजुर्ग हो जाएगी।
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अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंगलवार को कहा कि भारत सहित दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में प्रजनन दर में गिरावट आ रही है, जिससे जनसंख्या की आयु संरचना में बदलाव आ रहा है। मूडीज के विश्लेषण में कहा गया है कि यह परिवर्तन भारत की आर्थिक वृद्धि और साख को प्रभावित करेगा। यह पहले माना जाता था कि जनसंख्या वृद्धि आर्थिक विस्तार के लिए एक सकारात्मक कारक है, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
मूडीज की वैश्विक जनसांख्यिकी संबंधी रिपोर्ट में बताया गया कि 1950 में वैश्विक प्रजनन दर 4.9 बच्चे प्रति महिला थी, जो अब घटकर लगभग 2.2 रह गई है। यह प्रतिस्थापन दर 2.1 के मुकाबले केवल थोड़ी ही अधिक है। प्रजनन दर में यह गिरावट कार्यशील आबादी को कम करेगी, जिससे उत्पादक क्षमता सीमित होगी। साथ ही, परिवारों और उपभोक्ताओं की संख्या में कमी से मांग भी कमजोर होगी।
रेटिंग एजेंसी के अनुसार, विश्व की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी अब ऐसे देशों में रहती है, जहां प्रजनन दर प्रतिस्थापन स्तर के बराबर या उससे कम है। यह स्थिति इसलिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं एक साथ बुजुर्ग हो रही हैं। मूडीज का मानना है कि इस चुनौती से निपटने के लिए देशों को उत्पादकता में वृद्धि पर अधिक जोर देना होगा ताकि आर्थिक वृद्धि को बनाए रखा जा सके।