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भारतीय कंपनियों में भर्ती में सुस्ती, वेतन वृद्धि तेज: विश्लेषण
भारत की सूचीबद्ध कंपनियों में संगठित क्षेत्र में रोजगार वृद्धि धीमी पड़ गई है। वित्तीय सेवा क्षेत्र में भी नियुक्तियों की गति में कमी आई है।
LSN India ·
भारत की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों का विश्लेषण दर्शाता है कि संगठित क्षेत्र में रोजगार वृद्धि वित्तीय वर्ष 2025-26 में घटकर 1.8 प्रतिशत रह गई है। करीब 2,200 सूचीबद्ध कंपनियों के आंकड़ों से यह प्रवृत्ति सामने आई है, जो कॉर्पोरेट क्षेत्र में भर्ती की गति को लेकर चिंता का संकेत है।
वित्तीय सेवा क्षेत्र में भी भर्ती वृद्धि में मंदी देखी जा रही है। इस क्षेत्र में नियुक्तियों की वृद्धि दर 1.7 प्रतिशत तक सीमित रह गई है। ऐसे समय में जब अर्थव्यवस्था में गतिविधि बढ़ रही है, कंपनियों का यह रुख उनकी सावधानीपूर्ण रणनीति को दर्शाता है।
वहीं, कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर यह है कि कंपनियां वेतन और लागत में वृद्धि करने को तैयार दिख रही हैं। कुल कर्मचारी-लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की प्रवृत्ति देखी जा रही है, जो दर्शाता है कि कंपनियां अपने मौजूदा कार्यबल को सहारा दे रही हैं।
यह विरोधाभास भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र में एक नया ट्रेंड दिखा रहा है। कंपनियां नई भर्ती में धीरे-धीरी कर रही हैं, लेकिन मौजूदा कर्मचारियों के लिए मुआवजे में वृद्धि कर रही हैं। यह रणनीति आर्थिक अनिश्चितता के बीच दक्षता बनाए रखने का संकेत माना जा रहा है।