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विश्व बैंक डेटा का हवाला देते हुए सरकार समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई
वित्त मंत्री ने विश्व बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2011-12 से 2023-24 के बीच 49.6 करोड़ लोग दैनिक 4.20 डॉलर की गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। यह सरकार की समावेशी विकास पर केंद्रित नीति का प्रमाण है।
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वित्त मंत्री ने विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि भारत में पिछले दशक में गरीबी दूर करने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि 2011-12 से 2023-24 के बीच 49.6 करोड़ लोग दैनिक 4.20 डॉलर की अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा से ऊपर उठ गए हैं।
यह आंकड़ा सरकार की गरीबी उन्मूलन और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रयासों को रेखांकित करता है। वित्त मंत्री ने इस उपलब्धि को देश की समावेशी विकास की नीति का परिणाम बताया है।
विश्व बैंक के डेटा के अनुसार यह प्रगति विभिन्न सरकारी योजनाओं और आर्थिक नीतियों के कारण संभव हुई है। इसमें ग्रामीण विकास, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
सरकार ने यह रेखांकित किया है कि समावेशी विकास का यह मार्ग जारी रहेगा और आने वाले समय में अधिक से अधिक लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा। विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।