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कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान कर रहा है भारत: गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ऐसे पेशों और क्षेत्रों की खोज में है जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता दक्षता बढ़ा सकती है लेकिन रोजगार को नुकसान नहीं पहुंचाएगी।
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भारत सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विकास के दौरान रोजगार संरक्षण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि उनका मंत्रालय उन पेशेवर क्षेत्रों की विस्तृत पहचान कर रहा है जहां एआई तकनीक को लागू किया जा सकता है।
गोयल के अनुसार, सरकार ऐसी नौकरियों और उद्योगों पर विशेष ध्यान दे रही है जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यक्षमता में सुधार ला सकती है, साथ ही श्रमिकों को विस्थापित भी न करे। इस रणनीति का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में तकनीकी प्रगति और मानव संसाधन दोनों को संतुलित रखना है।
यह पहल भारत की उभरती आर्थिक नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें डिजिटल रूपांतरण के साथ-साथ कल्याणकारी उपायों को समन्वित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि सही क्षेत्रों में एआई का उपयोग करने से उत्पादकता बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।
इस दृष्टिकोण से भारत आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।