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डेटा सेंटर विस्तार के लिए भारत को बढ़ानी होगी नवीकरणीय ऊर्जा: निकोलस स्टर्न
प्रख्यात अर्थशास्त्री निकोलस स्टर्न का मानना है कि भारत को भू-राजनीतिक झटकों और तेल की अस्थिर कीमतों से बचाव के लिए नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ना चाहिए। तकनीकी विकास के लिए स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाना आवश्यक है।
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भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार को ध्यान में रखते हुए निकोलस स्टर्न ने देश में नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति बढ़ाने पर जोर दिया है। डेटा सेंटर और अन्य तकनीकी सुविधाओं के लिए बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए स्वच्छ शक्ति स्रोतों की ओर रुख करना अब एक आवश्यकता बन गई है।
स्टर्न के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि और प्रतिस्पर्धात्मकता सीधे तौर पर ऊर्जा सुरक्षा पर निर्भर करती है। अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में नवीकरणीय ऊर्जा की ओर संक्रमण न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक लचीलापन भी सुनिश्चित करता है।
तेजी से बढ़ते डिजिटल क्षेत्र के लिए विश्वसनीय और सतत ऊर्जा आपूर्ति की आवश्यकता है। डेटा सेंटर का विस्तार भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं का एक महत्वपूर्ण अंग है, किंतु इसे पर्यावरण के अनुकूल तरीके से किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मत है कि भारत को सौर और पवन ऊर्जा क्षमता में निवेश को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता है। यह कदम न केवल डिजिटल बुनियादी ढांचे की मांग को पूरा करेगा, बल्कि भारत को ऊर्जा के मामले में अधिक आत्मनिर्भर भी बनाएगा।