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वैश्विक मूल्य श्रृंखला में गहन एकीकरण से बढ़ेगा भारत का निर्यात
डिलॉइट इंडिया के अनुसार, भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में गहरा एकीकरण, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और मुक्त व्यापार समझौतों का बेहतर उपयोग करना होगा। इससे देश के निर्यात और उच्च स्तरीय विनिर्माण क्षेत्र को गति मिलेगी।
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डिलॉइट इंडिया के पार्टनर अनिल तलरेजा के अनुसार, भारत को बहुआयामी निर्यात गलियारों के माध्यम से लॉजिस्टिक्स लागत को और कम करने पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए केवल बुनियादी ढांचे के विकास पर नहीं, बल्कि संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता पर जोर दिया जाना चाहिए।
तलरेजा के मुताबिक, बंदरगाह संचालन, परिवहन, गोदाम प्रबंधन, रेल कनेक्टिविटी, कंटेनर उपलब्धता और अंतिम मील लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागतों को घटाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे देश की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा।
डिलॉइट के विश्लेषण में सुझाव दिया गया है कि भारत को प्रमुख निर्यात बाजारों में मानदंडों, कार्बन सीमा समायोजन उपायों, उत्पाद नियमों, स्थिरता और पारदर्शिता आवश्यकताओं, प्रतिबंधों और अन्य उभरती व्यापार आवश्यकताओं में बदलाव को देखने के लिए एक निगरानी केंद्र स्थापित करना चाहिए।
यह कदम भारत को अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिवर्तनों के प्रति सचेत और प्रतिक्रियाशील रहने में मदद करेगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को व्यापारिक लाभ मिलेगा और वे वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रख सकेंगे।