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भारत को बिजली ग्रिड क्षमता से परे सुधार की जरूरत
देश की विद्युत व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव के लिए बड़ी क्षमता जोड़ने के बजाय ग्रिड प्रबंधन के बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
LSN India ·

भारत की बिजली आपूर्ति को मजबूत करने की रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव की आवश्यकता है। वर्तमान में नीति निर्धारकों का ध्यान विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है, किंतु विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है ग्रिड की बेहतर प्रबंधन व्यवस्था को विकसित करना।
विद्युत वितरण नेटवर्क की अदृश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किए बिना केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना देश की ऊर्जा चुनौतियों का समाधान नहीं कर सकता। ग्रिड प्रबंधन की कमजोरियां बिजली की बर्बादी, वितरण में असमानता और राष्ट्रीय विद्युत प्रणाली की अस्थिरता का कारण बनती हैं।
भारत के सामने दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक ग्रिड तकनीकों में निवेश, बेहतर निगरानी प्रणाली और ग्रिड संतुलन के तंत्र विकसित करने की तुरंत जरूरत है। यह दृष्टिकोण न केवल विद्युत वितरण को अधिक कुशल बनाएगा बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के एकीकरण को भी आसान करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रिड आधारभूत ढांचे में सुधार से ही देश अपनी बढ़ती विद्युत मांग को टिकाऊ तरीके से पूरा कर सकता है और एक विश्वसनीय विद्युत प्रणाली का निर्माण कर सकता है।