LSN News › India

Politics · India Bureau

व्यापार की गति बढ़ाना होगा भारत की प्राथमिकता: सीआईआई प्रमुख

भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष आर मुकुंदन का मानना है कि अनुमोदन और परियोजना समयसीमा में कमी पूंजी लागत को कम कर सकती है। वह स्थिर नीतियों को निजी निवेश और विकास को बनाए रखने के लिए आवश्यक मानते हैं।

LSN India · 16 September 2026

व्यापार की गति बढ़ाना होगा भारत की प्राथमिकता: सीआईआई प्रमुख

भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष आर मुकुंदन ने देश को व्यापार संचालन की गति को अपनी मुख्य प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया है। उनके अनुसार, सरकारी अनुमोदन प्रक्रियाओं और परियोजना क्रियान्वयन की समयसीमा को कम करने से पूंजी लागत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। यह दृष्टिकोण प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने और उद्यमों को अधिक कुशल बनाने में सहायक हो सकता है।

मुकुंदन ने जोर दिया कि निजी निवेश को आकर्षित करने और आर्थिक वृद्धि को टिकाऊ बनाने के लिए नीतिगत स्थिरता अत्यंत महत्वपूर्ण है। अनिश्चित नीतिगत वातावरण से व्यावसायिक निर्णय लेना कठिन हो जाता है और निवेशकों का आत्मविश्वास कम होता है। सरकार द्वारा दीर्घकालीन और सुसंगत नीतियों का निर्माण करना दोनों घरेलू और विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए जरूरी है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान गति को देखते हुए, व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने का कदम समय की मांग है। तेजी से अनुमोदन प्रक्रियाएं न केवल निवेश को प्रोत्साहित करेंगी बल्कि परियोजनाओं के समय पर पूरा होने में भी सहायक होंगी। सीआईआई प्रमुख का यह दृष्टिकोण भारत को एक अधिक व्यावसायिक-अनुकूल गंतव्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत देता है।