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खतरों को बड़ा होने से पहले खत्म करें: अमित शाह का सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश
गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को उभरते खतरों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने भू-राजनीतिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट और साइबर प्रचार को देश की सुरक्षा के लिए प्रमुख चुनौती बताया है।
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भारत की सुरक्षा नीति को वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार करने की जरूरत है। यह बात गृह मंत्री अमित शाह ने विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों को संबोधित करते हुए कही। शाह के अनुसार, आने वाले समय में भू-राजनीतिक अस्थिरता और ऊर्जा संसाधनों की कमी प्रमुख समस्याएं बनने वाली हैं, जिनका समाधान पहले से ही किया जाना चाहिए।
गृह मंत्री ने देश की एजेंसियों को सलाह दी कि वह किसी भी संभावित खतरे को पहचान कर उसे बड़ा होने से पहले ही समाप्त कर दें। उनके अनुसार, छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करने से बाद में बड़ी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। शाह ने एजेंसियों को सतर्क और सक्रिय रहने पर जोर दिया।
शाह के अनुसार, बढ़ता हुआ कट्टरवाद और साइबर स्पेस में चलाए जाने वाले गलत सूचना अभियान भी भारत के लिए गंभीर खतरे हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को अधिक सतर्क और तकनीकी रूप से मजबूत होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयास और दूरदर्शी नीतियों की जरूरत है।
भारत की सुरक्षा एजेंसियों को इन उभरती चुनौतियों के अनुरूप अपनी रणनीति तैयार करनी होगी। शाह का मानना है कि केवल सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से ही देश को इन समस्याओं से बचाया जा सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रक्षा और सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।