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भारत के अनुसंधान क्षेत्र को चाहिए 100 अरब डॉलर की मजबूत रणनीति

पीक XV पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक राजन आनंदन ने भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में अनुसंधान और विकास की कमी को लेकर चिंता जताई है। वे सरकारी नीति और अनुसंधान विकास नवाचार कोष की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हैं।

LSN India · 18 October 2026

भारत के अनुसंधान क्षेत्र को चाहिए 100 अरब डॉलर की मजबूत रणनीति

भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को अपनी शक्तिशाली संभावनाओं के बावजूद अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में गंभीर कमजोरियों का सामना करना पड़ रहा है। शीर्ष उद्यम पूंजी निवेशकों में से एक पीक XV पार्टनर्स के नेतृत्व में आने वाले विश्लेषकों ने इस समस्या के समाधान के लिए लगभग 100 अरब डॉलर के निवेश की आवश्यकता बताई है।

भारतीय स्टार्टअप सेक्टर के विकास में सरकारी नीतियों की भूमिका को केंद्रीय माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अनुसंधान विकास और नवाचार कोष जैसी सरकारी पहलें भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इन तंत्रों के माध्यम से दीर्घकालीन तकनीकी विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।

शीर्ष निवेश समूहों की रणनीति भी भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की ओर केंद्रित हो रही है। पूंजी निवेशकों का मानना है कि स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास में निवेश करने से न केवल भारतीय स्टार्टअप की वैश्विक प्रतिस्पर्धिता बढ़ेगी, बल्कि आर्थिक विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।

इस संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार, निजी क्षेत्र और अनुसंधान संस्थानों के बीच समन्वित प्रयास भारतीय अर्थव्यवस्था को नवाचार के आधार पर एक मजबूत भविष्य प्रदान कर सकते हैं।