Business · India Bureau
हरित वित्त संस्थान की स्थापना से 10 साल में 1 ट्रिलियन डॉलर निवेश संभव
भारतीय उद्योग परिसंघ के एक विशेषज्ञ दल ने टिकाऊ विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक नई हरित वित्त संस्था की स्थापना का आह्वान किया है। प्रस्तावित संस्था अगले 5 से 10 वर्षों में 1 ट्रिलियन डॉलर तक के निवेश को प्रोत्साहित कर सकती है।
LSN India ·

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक विशेषज्ञ समिति ने देश के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक समर्पित हरित वित्त संस्थान की स्थापना की सिफारिश की है। इस नई संस्था के माध्यम से आने वाले दशक में विशाल पूंजी निवेश को सुविधाजनक बनाया जा सकता है।
सीआईआई समिति की रिपोर्ट के अनुसार, यह नया संस्थान अगले पांच से दस वर्षों की अवधि में लगभग एक ट्रिलियन डॉलर के निवेश को प्रोत्साहित करने की क्षमता रखता है। ऐसा संस्थान पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और सरकार की जलवायु परिवर्तन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सहायक हो सकता है।
हरित वित्त संस्था की स्थापना नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, वन संरक्षण और अन्य पर्यावरणीय पहलों में निवेश को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीकृत वित्त व्यवस्था से हरित परियोजनाओं को लागत-प्रभावी तरीके से वित्त प्राप्त करना आसान हो जाएगा।
सीआईआई की इस पहल से न केवल निजी क्षेत्र के निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा, बल्कि भारत के अंतर्राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। विशेषज्ञ दल का यह प्रस्ताव भारत को स्थायी विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ने में सहायक साबित हो सकता है।