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भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौता कृषि निर्यात को देगा नई गति
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से लागू होगा। इससे देश के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
LSN India ·

भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) का मानना है कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता देश के खाद्य और कृषि निर्यात क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगा। इस समझौते के तहत प्रसंस्कृत खाद्य, मसाले, मिठाइयां, बेकरी उत्पाद, पैकेज्ड अनाज, सॉस, फलों के रस और प्रसंस्कृत सब्जियों पर आयात शुल्क शून्य हो जाएगा। वर्तमान में इन वस्तुओं पर पांच प्रतिशत तक का शुल्क लगाया जाता है।
टीपीसीआई के अध्यक्ष मोहित सिंघल के अनुसार, यह समझौता भारतीय निर्यातकों, विशेषकर खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र और हल्के इंजीनियरिंग क्षेत्रों में लगे व्यापारियों को ओशिनिया क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी लाभ प्रदान करेगा। निर्यातकों को सभी उत्पाद श्रेणियों में सौ प्रतिशत शून्य शुल्क पहुंच मिलेगी।
टीपीसीआई का कहना है कि परिषद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा कृषि-खाद्य व्यवसायों को तकनीकी मानकों को पूरा करने और न्यूजीलैंड में दीर्घकालीन खरीदार संबंध स्थापित करने में सहायता प्रदान करेगी। यह पहल भारतीय निर्यातकों के लिए प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में अपनी पहुंच विस्तारित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।