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विदेशी आय छिपाई? अपडेटेड रिटर्न या नई स्कीम - कौन बेहतर?
भारतीय करदाताओं के पास विदेशी आय संबंधी पूर्व चूक को सुधारने के लिए अब दो रास्ते खुल गए हैं। अपडेटेड आयकर रिटर्न या नई FAST-DS स्कीम में से किसी को चुन सकते हैं।
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आयकर विभाग ने करदाताओं को पिछली गलतियों को ठीक करने का मौका दिया है। जिन लोगों ने विदेशी आय की जानकारी देना भूल गए हैं, वे अपडेटेड आयकर रिटर्न (ITR-U) फाइल कर सकते हैं या फिर विदेशी संपत्ति वाले छोटे करदाताओं के लिए बनी नई स्कीम (FAST-DS) का विकल्प चुन सकते हैं।
अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने का तरीका मौजूदा प्रक्रिया से मिलता-जुलता है। इसमें करदाता अपनी सही आय की जानकारी देते हैं और बकाया टैक्स का भुगतान करते हैं। यह विकल्प उन सभी के लिए उपलब्ध है जिन्हें आय की घोषणा में कोई चूक दिखी हो।
दूसरी ओर, FAST-DS स्कीम विशेष तौर पर छोटे करदाताओं के लिए तैयार की गई है। इस स्कीम में करदाताओं को कुछ छूट मिलने की संभावना है, बशर्ते वे निर्धारित शर्तों को पूरा करते हों। यह विकल्प उन लोगों के लिए लाभकारी हो सकता है जिनकी आय की सीमा कम हो।
करदाताओं को अपनी आर्थिक स्थिति और आय के आकार के अनुसार इन दोनों विकल्पों की तुलना करके सही फैसला लेना चाहिए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि व्यक्तिगत परिस्थितियों में किस विकल्प से अधिक लाभ मिल सकता है, इसके लिए किसी योग्य सलाहकार से मिलना बेहतर हो सकता है।