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निर्यात के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों को स्टॉक रखने की अनुमति
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने विदेशी निवेश के नियमों में बदलाव करते हुए ई-कॉमर्स फर्मों को भारत में निर्मित माल के निर्यात के लिए सूची बनाए रखने की अनुमति दी है। यह नीति परिवर्तन जुलाई में की गई घोषणा को अब लागू करता है।
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आर्थिक मामलों के विभाग ने 2 सितंबर को एक अधिसूचना जारी करके विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) मानदंडों में संशोधन किया है। इस नई व्यवस्था के तहत ई-कॉमर्स इकाइयों को विशेष रूप से भारत में निर्मित या उत्पादित वस्तुओं के निर्यात के लिए स्टॉक रखने की छूट दी गई है। विदेशी व्यापार नीति 2023 और विदेश व्यापार प्रक्रिया पुस्तिका के प्रावधानों के अनुरूप ये कंपनियां काम करेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खुदरा बाजार में ई-कॉमर्स स्टॉक मॉडल के लिए अभी भी विदेशी निवेश की अनुमति नहीं है। यह निर्णय विदेश विनिमय प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) नियम, 2019 में एक प्रावधान जोड़कर लागू किया गया है। इस नीति के माध्यम से सरकार भारतीय निर्यात क्षेत्र को मजबूत करने का प्रयास कर रही है और विदेशी पूंजी को निर्यात-केंद्रित ई-कॉमर्स गतिविधियों की ओर आकर्षित करना चाहती है।