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भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तकनीकी क्रांति की ओर अग्रसर
परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख अजित कुमार मोहंती ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीकों में प्रगति भारत को एक महत्वपूर्ण तकनीकी रूपांतरण के दौर में ले जा रही है। उन्होंने बिड़ला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा के 36वें दीक्षांत समारोह में यह विचार व्यक्त किए।
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परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव अजित कुमार मोहंती ने शनिवार को कहा कि भारत तकनीकी परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर रहा है। बिड़ला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपना संबोधन देते हुए मोहंती ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीकें, अर्धचालक, अंतरिक्ष विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण में हुई प्रगति नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है।
मोहंती के अनुसार, एक विकसित भारत के लिए मजबूत आंतरिक क्षमता और वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा उद्यमियों की एक कुशल पीढ़ी की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर अनुसंधान, विभिन्न विषयों में सहयोग और मानव संसाधनों में निवेश आवश्यक है।
परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख ने भारत के परमाणु कार्यक्रम में हुई हाल की सफलताओं पर भी प्रकाश डाला। इन सफलताओं में 500 मेगावाट विद्युत क्षमता वाले प्रोटोटाइप रिएक्टर द्वारा पहली बार क्रिटिकैलिटी हासिल करना भी शामिल है, जो देश की तकनीकी उन्नति का प्रमाण है।