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वित्त वर्ष 2026-27 में भारत 7.5 से 8 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ने की राह पर
भारत चालू वित्त वर्ष में 7.5 से 8 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ने के लिए तैयार है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
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भारत अपने महत्वाकांक्षी पवन ऊर्जा विस्तार की योजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहा है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश कुलहारी ने EU-भारत विंड एनर्जी बिजनेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए बताया कि भारत 2026-27 में 7.5 से 8 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत 2025-26 में 6 गीगावाट से अधिक पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ चुका है।
अगस्त 2026 तक भारत की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 58.52 गीगावाट तक पहुंच गई है। चालू वित्त वर्ष (अप्रैल से अगस्त) में देश ने अब तक 2.42 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी है। यह प्रगति भारत के 2030 तक 100 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह विस्तार भारत की 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्राप्त करने के समग्र प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कुलहारी ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में यूरोपीय संघ को भारत की पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। यह सहयोग दोनों क्षेत्रों के बीच तकनीकी और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।