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भारत चार देशों के साथ द्विपक्षीय निवेश समझौतों को अंतिम रूप देने के करीब
भारत यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ, ओमान और कतर के साथ द्विपक्षीय निवेश संधियों (बीआईटी) को समाप्त करने की दिशा में अंतिम चरण में है। इसके साथ ही, अद्यतन बीआईटी ढांचे का मसौदा केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी की प्रतीक्षा में है।
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भारत अपने द्विपक्षीय निवेश संधि ढांचे को आधुनिकीकृत करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। देश यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ, ओमान और कतर के साथ चार नई द्विपक्षीय निवेश संधियों को अंतिम रूप देने के अंतिम चरण में पहुंच गया है। ये समझौते भारत की निवेश नीति को नई दिशा देंगे और विदेशी पूंजी के प्रवाह को प्रोत्साहित करेंगे।
इन चारों देशों के साथ निवेश संधियां भारत के आर्थिक विस्तार और विदेशी सहयोग को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हैं। ये समझौते व्यापार और निवेश से संबंधित नियमों को स्पष्ट करेंगे तथा दोनों पक्षों के निवेशकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
इसी समय, भारतीय सरकार द्वारा तैयार किया गया अद्यतन द्विपक्षीय निवेश संधि ढांचे का मसौदा केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है। यह नया ढांचा आधुनिक वैश्विक निवेश प्रवृत्तियों और भारत की नीतिगत प्राथमिकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये समझौते भारत को प्रमुख वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में मजबूत करेंगे और विकास के नए अवसर सृजित करेंगे। सरकार इन संधियों को शीघ्र अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।